महिला वीएलई किरन सैनी- राजस्थान के राधाकिशनपुरा गांव में उद्यमी से सरपंच बनने तक का सफर

महिला वीएलई किरन सैनी- राजस्थान के राधाकिशनपुरा गांव में उद्यमी से सरपंच बनने तक का सफर

ऐतिहासिक रूप से, महिलाओं के राजनैतिक हक़ों की लड़ाई लंबी और कठिन रही है| लेकिन राजस्थान के ग्राम पंचायत राधाकिशनपुरा की महिला वीएलई किरन सैनी की कहानी कुछ और ही बयां करती है. वीएलई किरन पिछले महीने संपन्न पंचायत चुनावों में निर्विरोध संरपंच चुनी गईं हैं और ऐसा कीर्तिमान स्थापित करने वाली अपने इलाके की वह प्रथम महिला हैं। गांव के लोग वीएलई के काम से इतने प्रभावित थे कि उन्होंने उन्हें चुनावों में निर्विरोध चुन लिया. वीएलई किरन सैनी राधाकिशनपुरा की सरपंच बनकर आज न सिर्फ अपनी ग्राम पंचायत बल्कि पूरे राजस्थान की कई महिलाओं के लिए मिसाल हैं.

वीएलई किरन बताती हैं, “भारतीय महिला मतदाताओं की वर्तमान स्थिति और उनकी आकांक्षाएं विशेष रूप से पुरुषों की तुलना में एक भिन्नता को दर्शाती हैं। जहां पुरुष जाति, क्षेत्र, धर्म, भाषा आदि के आसपास पहचान के लिए अधिक वोट देते हैं| वहीं महिलाएं बदलाव के लिए ज्यादा वोट देती हैं। स्वयं, बच्चों और समुदाय के लिए चिंता के मामले उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी की पहुंच, स्वच्छता जैसे मुद्दे उनके मतदान के लिए अहम हैं.”

 आइए वीएलई किरन की सीएससी यात्रा पर नजर डालें-

 राजस्थान के जिला सीकर ब्लॉक पिपराली की ग्राम पंचायत राधाकिशनपुरा की 31 वर्षीय महिला वीएलई किरन सैनी अपने परिवार के सहयोग से एम.ए. पास करके एक साधारण गृहणी का जीवन व्यतीत कर रहीं थी.

 किरन को सर्वप्रथम अपने पति से सीएससी के बारे में पता चला। उसको अपने लिए रोजगार के साथ साथ गाँव वालों की सहायता करने के अलावा गाँव की लड़कियों व महिलाओं को डिजिटली साक्षर करने का सुनहरा अवसर दिखा। इस अवसर को किरन खोना नहीं चाहती थीं इसलिए फौरन सीएससी से जुड गई। उसने दिन रात-दिन मेहनत करके सीएससी सेवाओं और कम्प्यूटर की ट्रेनिंग ली और दिसंबर 2014 में मात्र एक कम्प्यूटर से अपनी सीएससी यात्रा शुरु की। आज वीएलई ने अपनी हिम्मत व लगन से अपने गाँव को 100 % डिजटली साक्षर गाँव बना दिया है। वीएलई किरन का खुद का 1000 वर्ग फीट से अधिक का केंद्र 25 कम्प्यूटर की लैब से सुसज्जित है जिसमें 5 फुल टाइम व 7 पार्ट टाइम कर्मचारी कार्यरत हैं।

किरन अपने केंद्र में नागरिकों को बीमा, पैन कार्ड, पासपोर्ट, डिजी-पे, डीटीएच रिचार्ज, एलआईसी प्रीमियम संग्रह, पीएमएसवाईएम, आईआरसीटीसी, बीमा खाता, वाईफाई चौपाल, टेली मेडिसिन, बिजली बिल संग्रह, सरकारी परीक्षा आदि अन्य सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। उसके केंद्र में पेंशन, एलआईसी प्रीमियम, बिजली बिल और पैन कार्ड आदि सेवाओं के लिए सबसे ज्यादा ग्रामीण आते हैं। किरन ने अपने गाँव के हर घर से एक सदस्य को डिजिटली साक्षर किया। जिसमें उन्होंने 200 से अधिक युवाओं को एनडीएलएम व पीएमजीदिशा के लिए डिजिटली साक्षर किया। वीएलई गांव के बुजुर्ग व दिव्यांगजनों को पेंशन दिलाने व जीवन प्रमाण पत्र दिलाने में मदद करती हैं।

 एक खास अनुभव शेयर करते हुए बताती हैं कि एक बार वे एक 77 वर्ष की बुजुर्ग महिला के घर पहुंची उन्होंने बताया कि मेरी पेंशन से सरकार हर बार 250 रु. काट कर भेजती है और मुझे 750 की जगह 500 ही मिलते हैं और वो भी कई बार तो आते ही नहीं | किरन ने जब उनका पेंशन स्टेटस देखा तो वो हैरान रह गईं कि उस महिला का पेंशन हर महीना 1500 रु. आता है लेकिन उसे केवल 500 ही दिए जाते हैं वो भी कई बार दिए ही नहीं जाते और उसे कहा जाता कि अबकी बार तो पेंशन आई ही नहीं |

जब वीएलई ने पूछताछ की तो महिला ने कहा कि उसका पोता लेकर आता है। किरन ने उन्हें समझाया कि पेंशन अब से घर पर ही आकर देंगी और वो भी पूरी 1500 रु महीना । लेकिन उन्होंने उस महिला को ये नहीं बताया कि आपका पोता ही आपके साथ धोखाधड़ी कर रहा है । उसके बाद वीएलई उस महिला के पोते से मिली और उसे फ्री में कंप्यूटर टाइपिंग सिखाने के बहाने अपने ऑफिस बुलाया और उसे समझाया| अब उसके पोते को कंप्यूटर ऑपरेट बनाकर एक कोचिंग में लगा दिया और इससे अब वो महिला भी खुश है | ज्यादातर बुजुर्ग लोगों को वे उनके घर पर जाकर ही पेंशन देती हैं और लोग भी इससे उन्हें ढेर सारी दुआयें देते है, ऐसे लोगों की सेवा करके वीएलई को बड़ी प्रसन्नता होती है |

 वीएलई किरन अपने सीएससी  सेण्टर को एक ऐसे मॉडल सीएससी सेण्टर के रुप में बनाने जा रही हैं जहां सीएससी की प्रत्येक सर्विस के लिए अलग अलग डिपार्टमेंट जैसे टेली लॉ, जीएसटी / आईटीआर, सीएससी अकादमी, बैंकिंग, लोन एंड फाइनेंस, एजुकेशन, टेली मेडिसिन, एलईडी मैनुफैक्चरिंग, जीपॉन आदि सेवाएं और नागरिकों को सपोर्ट के लिए हेल्पडेस्क और प्रतिनिधि होंगे | वीएलई किरन सैनी के सीएससी सेण्टर पर 50 लोगों के बैठने का हॉल है जहाँ नए व इच्छुक वीएलई को सीएससी सेवाओं की ट्रेनिंग दी जाती है |

सीएससी ने किरन सैनी को उनके परिवार में ही नहीं बल्कि समाज में एक पहचान व सम्मान दिलाया है | सीएससी ने उन्हें वो मौका दिया जिससे वे लोगो के बीच जा सकें और उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सकें ।  सीएससी ने उनकी आय और रोजगार बढ़ाने में बहुत सारी मदद की है । पहले तो उन्होंने सीएससी की प्रत्येक सर्विस को आम आदमी तक पहुँचाने का प्रयास किया है जिससे उन्हें एक अच्छी पहचान के साथ साथ आय का स्रोत भी बना ।  सीएससी से आज उनकी सालाना इनकम 15 लाख से अधिक है और रही बात रोजगार की तो पास 5 तो फुल टाइम स्टाफ है और 7 पार्ट टाइम स्टॉफ हैं  । इतना ही नहीं उसने 150 से ज्यादा लड़के लड़कियों को कंप्यूटर ऑपरेटर के रुप में तैयार किया है जो कि अलग अलग जगह जॉब कर रहे हैं |

 वीएलई किरन राधाकिशनपुरा के लोगों की समस्याओं को जानती और उनका समाधान करती हैं जिससे लोग खुश होकर अब उन्हें निर्विरोध संरपंच बना दिया है | इसका पूरा श्रेय सीएससी को है जिसके साथ जुड़ने से गाँव में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है|

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