छत्तीसगढ़, बलौदाबाजार के विजय ने स्वयं का व्यवसाय होने के बावजूद जनसेवा को चुना अपना पहला कर्तव्य

छत्तीसगढ़, बलौदाबाजार के विजय ने स्वयं का व्यवसाय होने के बावजूद जनसेवा को चुना अपना पहला कर्तव्य

 12वीं शिक्षा के बाद अपनी आगे की पढाई यानि एम.कॉम और विधि की शिक्षा का खर्च भी खुद वहन करना और आगे पढने की ललक में पढाई व नौकरी एक साथ करना आसान काम नहीं होता। विजय ने ऐसा कर दिखाया और आज विजय एक सफल वकील के साथ साथ नागरिकों की सेवाओं के प्रति भी सजग हैं।

 विजय ने सीएससी को तब जाना जब उनके पास सीएससी हेड ऑफिस से कॉल आया। वीएलई ने बताया ये बात उस समय की है जब जिला मुख्यालय में ऑन-लाइन सर्विस के लिए रिक्तियाँ निकली थीं। तभी एक मित्र ने सलाह दी कि आप तो शिक्षित हैं आप क्यों नहीं आवेदन करते । अपने स्वयं के व्यवसाय व गाँव के नागरिकों की सेवा के लिए मुझे यह प्रस्ताव अच्छा लगा और जिला कार्यालय में आवेदन कर दिया और सौभाग्यवश मेरा चयन हो गया।  साल 2017 में मैने अपना सीएससी आरंभ किया। उसके बाद मुझे सीएससी सेवाओं को नागरिकों तक पंहुचाने का अवसर मिला। इस तरह से सीएससी से मेरा परिचय हुआ और आज मैं सीएससी की लगभग सभी सेवाओं से नागरिकों को लाभान्वित करा रहा हूँ। इन सब सेवाओं में मुख्य रुप से मतदाता परिचय पत्र व निर्वाचन से संबधित कार्य जैसे पैनकार्ड, श्रम विभाग का कार्य , आधार कार्ड, बिजली बिल भुगतान, ई-स्टॉम्पिंग, जीवन प्रमाण आदि सेवाएं हैं।

 2018 में विजय ने इन सभी सेवाओं के साथ एक नयी सर्विस ई –स्टाम्प की शुरुआत की और काम शुरू किया। उस समय हर जगह मैन्युअल स्टाम्प ही चल रहा था ऐसे में ई-स्टाम्प सेवा एक कठिन काम था , लोगो को भरोसा भी नहीं था , पर उन्होंने लोगो को इसके बारे में जानकारी दी  , लोगो को समझ आया की कैसे ई-स्टाम्प के द्वारा उनको रजिस्ट्री में समय और पैसों की बचत होगी | फिर सरकार के द्वारा मैन्युअल स्टाम्प धीरे धीरे बंद हो गया और वीएलई ने इस सर्विस को आगे बढ़ाया । इस सर्विस में वीएलई ने बहुत मेहनत की और आज भी मुख्यतः यही सर्विस नागरिकों को प्रदान करा रहे हैं |आज वे अपने सीएससी से प्रतिदिन 50,000 से अधिक मूल्य के ई-स्टॉम्प निकालते हैं। वर्तमान में विजय एक ऑपरेटर की मदद से बिजली बिल भुगतान की सेवाएं भी दे रहे हैं | विजय बतातें हैं कि सीएससी के द्वारा उन्होंने दो लोगो को रोजगार दिया और वो मेरे साथ काम करते हैं । सीएससी में काम करने से उनकी आमदनी बढ़ी और वीएलई की पहचान मिली | ये एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां लोगों को लगभग सारी सरकारी सेवाएं मिलती हैं।

 विजय के शब्दों में ‘ सीएससी ने मुझे मेरे परिवार में ही नहीं बल्कि समाज, गाँव, राज्य और देश में एक पहचान व सम्मान दिलाया है | सीएससी ने मुझे वो मौका दिया जिससे मैं लोगो के बीच जा सकूं और उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सकूं | सीएससी से आज मेरी मासिक आमदनी 40 से 50 हजार है और काम की अधिकता के कारण मुझे किसी मद्दगार की जरुरत महसूस होने लगी तब मैंने एक कर्मचारी नियुक्त किया आज मेरे पास 4 फुल टाइम स्टाफ है | और मैं सबसे ज्यादा खुश इस बात से हूँ कि मेरे साथ काम करने के बाद मेरे कर्मचारी अपना स्वंय का सीएससी सेंटर चला रहे हैं।

 आज वीएलई के केंद्र पर हर-रोज लगभग 50 से अधिक लोग सीएससी सेवाओं का लाभ लेने के लिए आते हैं। कई बार देखा कि मेरे इलाके के नागरिक छोटी छोटी सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकते रहते थे। आज किसा ना किसी के माध्यम से मेरे सेंटर पर आते हैं और उनका काम पूरा हो जाता है।

 अपनी आगामी भावी योजनाओं पर बात करते हुए विजय ने बताया कि वे राजस्व विभाग एवं न्यायालय से संबधित और अधिक सेवाएं सीएससी के जरिए प्रदान कराना चाहते हैं। उनका मानना है अधिकतर नागरिक अपने अधिकारों की सही जानकारी ना होने के कारण इन्हीं विभागों में चक्कर काटकाट के परेशान हो जाते हैं। झब उन्हें सीएससी के माध्यम से सभी सेवाएं आसानी से मिलेंगी तो बार बार इन विभागों के चक्कर नहीं लगाने पडेगें।

आज वीएलई विजय के सीएससी केंद्र की ख्याति पूरे क्षेत्र में फैल चुकी है और उनके संस्थान  के नाम से लोग सेवाओं का लाभ लेने आते हैं।  सीएससी के कारण आज वीएलई का उनके क्षेत्र में सम्मान बढा और साथ ही उनकी आमदनी बढाने में भी सीएससी का काफी योगदान है।

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