छत्तीसगढ़, बलौदाबाजार के विजय ने स्वयं का व्यवसाय होने के बावजूद जनसेवा को चुना अपना पहला कर्तव्य

छत्तीसगढ़, बलौदाबाजार के विजय ने स्वयं का व्यवसाय होने के बावजूद जनसेवा को चुना अपना पहला कर्तव्य

 12वीं शिक्षा के बाद अपनी आगे की पढाई यानि एम.कॉम और विधि की शिक्षा का खर्च भी खुद वहन करना और आगे पढने की ललक में पढाई व नौकरी एक साथ करना आसान काम नहीं होता। विजय ने ऐसा कर दिखाया और आज विजय एक सफल वकील के साथ साथ नागरिकों की सेवाओं के प्रति […]

Women VLE Santi Malla as driver of economic recovery during COVID-19 in Jolaibari, Tripura

Women VLE Santi Malla as driver of economic recovery during COVID-19 in Jolaibari, Tripura

The COVID-19 pandemic has triggered a massive global economic downturn with global growth projected at –4.9 per cent for 2020. Already encumbered by gendered labour-market disadvantages, women have been disproportionately affected by job loss, reduced working hours and financial losses. Also, health risks to health workers, paid and unpaid care work and violence against women […]

कैसे एक घरेलू महिला बन गई बिजनेस वुमन- छत्तीसगढ़ के दूर-दराज सिमगा ब्लॉक से वीएलई अंगिता की कहानी

कैसे एक घरेलू महिला बन गई बिजनेस वुमन- छत्तीसगढ़ के दूर-दराज सिमगा ब्लॉक से वीएलई अंगिता की कहानी

देश भर में मौजूद 4 लाख सीएससी दूर दराज स्थित गांवों में डिजिटल अर्थव्यवस्था के जरिए महिलाओं को सशक्त कर रहे हैं, इनमें वे महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हैं जो पारंपरिक श्रम बाजारों से पृथक हैं। छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल इलाके में यह बात विशेष रूप से लागू होती है, जहां महिलाओं के […]

वीएलई सोनू जो पहले घर घर दूध पहुंचाने का काम करते थे, आज यूपी के दूरदराज गांव कूड़ा मीरपुर के युवाओं को दे रहे हैं रोजगार

वीएलई सोनू जो पहले घर घर दूध पहुंचाने का काम करते थे, आज यूपी के दूरदराज गांव कूड़ा मीरपुर के युवाओं को दे रहे हैं रोजगार

वक़्त और हालात कब बदल जाये ये कोई नहीं जानता. लेकिन बहुद हद तक हमारी जिंदगी की दशा और दिशा इस बात पर निर्भर करती है की हम बुरे हालात का सामना कैसे करते हैं. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में कूड़ा मीरपुर (ब्लॉक-छजलैट) के रहनेवाले सोनू सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. […]

छत्तीसगढ़ के कुआकोंडा गांव के आदिवासियों के लिए जीवन रेखा बनी सीएससी

छत्तीसगढ़ के कुआकोंडा गांव के आदिवासियों के लिए जीवन रेखा बनी सीएससी

कुआकोंडा गांव छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित है. यहां की तकरीबन 80 फीसदी आबादी अनुसूचित जनजातियों की है जो विकास से कोसों दूर हैं. यह इलाका एक लंबे समय से नक्सली हिंसा का शिकार रहा है.   इन नक्सल प्रभावित इलाकों में बैंकिंग व्यवस्था को लेकर ग्रामीण परेशान रहते हैं. दरअसल ज्यादातर बैंक ग्रामीण […]

झारखंड के बलूरी पंचायत में गरीब और बेसहारा लोगों के सशक्तिकरण का आधार बने दिव्यांग वीएलई ओमप्रकाश

झारखंड के बलूरी पंचायत में गरीब और बेसहारा लोगों के सशक्तिकरण का आधार बने दिव्यांग वीएलई ओमप्रकाश

उनकी उड़ान पंखों से नहीं हौसले से है. दिव्यांग व्यक्ति को देखकर अक्सर लोग दया व सहानुभूति का भाव रखते हैं. साथ ही इसे अभिशाप भी समझते हैं लेकिन वहीं समाज में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपनी विकलांगता को कभी मजबूरी नहीं बनने दिया. मतलब साफ है मजबूरी ही बन गई मजबूती. दिव्यांग होने […]

महिला वीएलई पायल- राजस्थान के सुदूर करौली में सीएससी के माध्यम से शिक्षा व बैंकिंग सेवाओं के जरिए डिजिटल सशक्तिकरण

महिला वीएलई पायल- राजस्थान के सुदूर करौली में सीएससी के माध्यम से शिक्षा व बैंकिंग सेवाओं के जरिए डिजिटल सशक्तिकरण

राजस्थान का करौली  एक बहुत ही पिछड़ा जिला है जो कि जातिगत रूढ़िवादी परंपराओं से जुड़ा हुआ है। शैक्षणिक योग्यताओं में पोस्ट ग्रेजुएट पायल गुप्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में रुचि होने के कारण बी.एड. व एम.एड. करके कुछ समय के लिए निजी स्कूल व कॉलेजों में शिक्षिका के रूप में कार्य किया। शादी के […]

वीएलई शैलेंद्र-उत्तराखंड के सुदूर भैंसहा गांव में सफल उद्यमशीलता की कहानी

वीएलई शैलेंद्र-उत्तराखंड के सुदूर भैंसहा गांव में सफल उद्यमशीलता की कहानी

 यह कहानी वीएलई शैलेंद्र कुमार की है जो 3 साल पहले जीविका के लिए चुनौतियों से जूझ रहे थे, लेकिन आज वह अपनी कड़ी मेहनत, लगन और व्यावसायिक सफलता की बदौलत एक सफल ग्रामीण उद्यमी बनकर मिसाल बन गए हैं. शैलेंद्र उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के भैंसहा गांव में सीएससी चलाते हैं. उनके परिवार […]

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